Tuesday, September 8, 2009

शराब!

शराब!
बाप पिए तो ठीक, बेटा पिए ख़राब!

जुआरी!
कभी न जीते, कभी न माने हारी!

समाज सेवा!
काम से साथ पैसे की मेवा!

बॉस का दूत!
मुखबिरी की पूरी छूट!

4 comments:

Mishra Pankaj said...

waah bhai gajab kaa sharab naamaa hai

अशरफुल निशा said...

Pyari hain chhadikaayen.
Think Scientific Act Scientific

Dr. Zakir Ali Rajnish said...

शराब का सटीक चित्रण।
-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }

निर्मला कपिला said...

वाह क्या बात है बाप पीये तो शराब बेटा पीये तो खराब बहुत खूब

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