Monday, December 18, 2017

प्रथम पंक्ति में आज खड़ी सब ग़द्दारों की टोली है

प्रथम पंक्ति में आज खड़ी सब ग़द्दारों की टोली है,
देशभक्त को भूल गए ये जनता बिल्कुल भोली है।
थे ग़रीब पहले भी बेबस, अब भी हाल न अच्छा है,
भारत की इस  राजनीति में नेता हुआ न सच्चा है।
असल स्वतंत्र तभी होंगें, जब सबका विकास होगा।
प्रजातंत्र में जब  हर व्यक्ति आम नहीं ख़ास होगा।
जब हर कोई रोटी, कपड़ा, घऱ-मकान पा जाएगा।
तब  सच्चे अर्थों में  'शिशु' लोकतंत्र आ जायेगा।।

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