Showing posts with label समझौता. Show all posts
Showing posts with label समझौता. Show all posts

Saturday, April 21, 2018

ज़िंदगी

1. अचानक
जिंदगी धीरे धीरे चलती है,
रोग धीरे धीरे फैलता है।
वक्त तेजी से गुजरता है,
मौत अचानक आती है!
जैसे तुम एक दिन मेरी
जिंदगी में आयीं थी
ठीक वैसे ही एक दिन आएगी मौत!

2. समझौता
अब बैलगाड़ी नहीं चलती,
इसलिये वो मुहावरा
'हम दोनों बैलगाड़ी के पहिये हैं'
का औचित्य ही नहीं रहा।
अब साथ होने का मतलब है
एक दूसरे की जरूरतों की
गाड़ी को खींचना!

3. नफ़ा नुकसान
पारी की शुरुआत में
नफ़ा नुक़सान का आंकलन
करने से अच्छा है,
आखिर में देखना कि,
किसको नफ़ा हुआ किसको
नुकसान।
उसके नुकसान में भी
नफ़ा छुपा होता है।

Popular Posts

भारत में बाल संरक्षण

  भारत में बाल संरक्षण केवल नीतियों का विषय नहीं है , बल्कि यह एक गहन सामाजिक , सांस्कृतिक और स्थानीय संदर्भों से जुड़ी चुनौती है। यद्यपि ...