रैली नहीं रैला है,
बैग जो हांथ में है
बैग नहीं थैला है
घर वाली है घर में बैठी,
दिल्ली जो साथ आयी वो मेरी लैला है...
'शिशु' इन रैली से
संसद रोड मैला है
भारत में बाल संरक्षण केवल नीतियों का विषय नहीं है , बल्कि यह एक गहन सामाजिक , सांस्कृतिक और स्थानीय संदर्भों से जुड़ी चुनौती है। यद्यपि ...