कष्ट इसे ना हो कोई सुनो लगा तुम कान,
सुनो लगा तुम कान, ध्यान अपना सा रखना
कल्लू खाना देने से पहले खुद भी तुम चखना
'शिशु' कहें और यह पिल्ला देशी नहीं! विदेशी!
पिल्ले को कुछ हुआ अदालत में होगी तब पेशी.
भारत में बाल संरक्षण केवल नीतियों का विषय नहीं है , बल्कि यह एक गहन सामाजिक , सांस्कृतिक और स्थानीय संदर्भों से जुड़ी चुनौती है। यद्यपि ...
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