कष्ट इसे ना हो कोई सुनो लगा तुम कान,
सुनो लगा तुम कान, ध्यान अपना सा रखना
कल्लू खाना देने से पहले खुद भी तुम चखना
'शिशु' कहें और यह पिल्ला देशी नहीं! विदेशी!
पिल्ले को कुछ हुआ अदालत में होगी तब पेशी.
यह बात सन 1994 की है। उस समय मैं लखनऊ के एक आवासीय विद्यालय में 9वीं कक्षा में पढ़ता था। एक दिन हॉस्टल में बच्चों को खराब खाना परोसे जाने को...
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