हाय! आज भी इंग्लिश बोली
हिन्दी भाषी को गरियाती.
क्या होगा उस समय हाल
जब इंग्लिश ही बोली जाती.
हिन्दी भाषी गार्ड बेचारा,
रोज ही डांटा जाता
एस, नो, थैंक यू मैडम ही
वह केवल बोल है पाता
इंग्लिश बोली वाली मैडम
सबको देखो देती डांट
इंग्लिश बोल दूसरों को
अपना काम देती है बाँट
'व्हाट टू डू', 'व्हाट' सप'
जैसे ज्यादा वाक्य बोलती
दूजा कितना ही अच्छा हो
उसका भेद खोलती
एक दिन 'शिशु' को भी उसने
इंग्लिश में ऐसा डांटा
जैसे बच्चे को मास्टर ने
कान पे मारा चांटा
Wednesday, August 18, 2010
Tuesday, August 17, 2010
कदर ना मेरी कदर ना तेरी कदर मिली बेअक्लों को
कदर ना मेरी कदर ना तेरी
कदर मिली बेअक्लों को
हमने जिनकी कदर खूब की
उन्हें रास ना हमशक्लों को
हमने उनका मान बढाया
इज्ज़त दी भरपूर,
उसने ऐसा काम किया कुछ
इज्ज़त हुयी कफूर
सच्ची हंसी हमारी होती
वादे भी होते पक्के
उसने पता नहीं क्या कर दिया
रह गए सब हक्के-बक्के
हमने काम किया था ज्यादा
दाम मिला पर आधा
उसने धेले भर के काम का
दाम लिया पर ज्यादा
'शिशु' चूतिया और गधे भी
हमी दोस्त कहलाये
उसने उलटे-सीधे काम से
धन-सम्मान हैं पाए
कदर मिली बेअक्लों को
हमने जिनकी कदर खूब की
उन्हें रास ना हमशक्लों को
हमने उनका मान बढाया
इज्ज़त दी भरपूर,
उसने ऐसा काम किया कुछ
इज्ज़त हुयी कफूर
सच्ची हंसी हमारी होती
वादे भी होते पक्के
उसने पता नहीं क्या कर दिया
रह गए सब हक्के-बक्के
हमने काम किया था ज्यादा
दाम मिला पर आधा
उसने धेले भर के काम का
दाम लिया पर ज्यादा
'शिशु' चूतिया और गधे भी
हमी दोस्त कहलाये
उसने उलटे-सीधे काम से
धन-सम्मान हैं पाए
Monday, August 16, 2010
हम भ्रष्टाचारी हैं यारों कहते सीना तान के
हम भ्रष्टाचारी हैं यारों कहते सीना तान के
जेल जायेंगे वंहा रहेंगे अपना घर सा मान के
भ्रष्टाचारी हम..हम ना किसी से कम...
खेल खेल में जेब भर गयी, रेल में भर्ष्टाचार है
भैंस का चारा हमने खाया हमको उससे प्यार है
सैनिक के ताबूत से पैसा हमने बहुत कमाया है
हमने ही चीनी से यारों पैसा बहुत बनाया है..
भ्रष्टाचारी हम. हम न किसी से कम......
हम भ्रष्टाचारी हैं यारों कहते सीना तान के
जेल जायेंगे वंहा रहेंगे अपना घर सा मान के
भ्रष्टाचारी हम..हम ना किसी से कम...
रोजगार गारंटी से भी रोजगार खुद पाया है
उस पैसे से मैंने अपना राजमहल बनवाया है
अम्मा बाबा को भी मैंने तीर्थ प्रयाग कराया है
और पार्टी फंड में मैंने पैसा जमा कराया है
भ्रष्टाचारी हम. हम न किसी से कम......
हम भ्रष्टाचारी हैं यारों कहते सीना तान के
जेल जायेंगे वंहा रहेंगे अपना घर सा मान के
भ्रष्टाचारी हम..हम ना किसी से कम...
पांच साल तक ना कोई डर है, अच्छा समय हमारा है
फिर चुनाव के समय देखना नया हमारा नारा है
मुझे वोट दिल्वाओगे तो समझो बेड़ा पार है
तू ही मेरा आँख का तारा मुझको तुझसे प्यार है
भ्रष्टाचारी हम. हम न किसी से कम......
हम भ्रष्टाचारी हैं यारों कहते सीना तान के
जेल जायेंगे वंहा रहेंगे अपना घर सा मान के
भ्रष्टाचारी हम..हम ना किसी से कम...
जेल जायेंगे वंहा रहेंगे अपना घर सा मान के
भ्रष्टाचारी हम..हम ना किसी से कम...
खेल खेल में जेब भर गयी, रेल में भर्ष्टाचार है
भैंस का चारा हमने खाया हमको उससे प्यार है
सैनिक के ताबूत से पैसा हमने बहुत कमाया है
हमने ही चीनी से यारों पैसा बहुत बनाया है..
भ्रष्टाचारी हम. हम न किसी से कम......
हम भ्रष्टाचारी हैं यारों कहते सीना तान के
जेल जायेंगे वंहा रहेंगे अपना घर सा मान के
भ्रष्टाचारी हम..हम ना किसी से कम...
रोजगार गारंटी से भी रोजगार खुद पाया है
उस पैसे से मैंने अपना राजमहल बनवाया है
अम्मा बाबा को भी मैंने तीर्थ प्रयाग कराया है
और पार्टी फंड में मैंने पैसा जमा कराया है
भ्रष्टाचारी हम. हम न किसी से कम......
हम भ्रष्टाचारी हैं यारों कहते सीना तान के
जेल जायेंगे वंहा रहेंगे अपना घर सा मान के
भ्रष्टाचारी हम..हम ना किसी से कम...
पांच साल तक ना कोई डर है, अच्छा समय हमारा है
फिर चुनाव के समय देखना नया हमारा नारा है
मुझे वोट दिल्वाओगे तो समझो बेड़ा पार है
तू ही मेरा आँख का तारा मुझको तुझसे प्यार है
भ्रष्टाचारी हम. हम न किसी से कम......
हम भ्रष्टाचारी हैं यारों कहते सीना तान के
जेल जायेंगे वंहा रहेंगे अपना घर सा मान के
भ्रष्टाचारी हम..हम ना किसी से कम...
Saturday, July 31, 2010
कविता उसको अर्पित है ये, जो आलोचक है पहला
इंग्लिश जितनी अच्छी इनकी
उतनी ही प्यारी हिंदी
प्रूफ रीडिंग भी करते अच्छी
पकड़ तुरत लेते बिंदी
कैसे खर्चे हों ऑफिस में
बहुत बड़े ये ज्ञानी हैं
कितने ही गुस्से में हो पर
मीठी बोले बानी है
होता क्या है मैनेजमेंट
ये लोगों को सिखलाते
है क्या टाइम मैनेजमेंट?
खुद भी टाइम पर आते
एनजीओ की ओडिट के
ये बहुत बड़े ही ज्ञाता है
ऑफिस का माहौल हो कैसा
इनको अच्छा ये आता है
'शिशु' नहीं इन पर लिख सकता
'शिशु' अभी तो बच्चा है.
ज्यादा अगर जानना चाहो तो
फेसबुक ही सबसे अच्छा है
http://www.facebook.com/RaajKapil?ref=search#!/RaajKapil?v=info&ref=ts
उतनी ही प्यारी हिंदी
प्रूफ रीडिंग भी करते अच्छी
पकड़ तुरत लेते बिंदी
कैसे खर्चे हों ऑफिस में
बहुत बड़े ये ज्ञानी हैं
कितने ही गुस्से में हो पर
मीठी बोले बानी है
होता क्या है मैनेजमेंट
ये लोगों को सिखलाते
है क्या टाइम मैनेजमेंट?
खुद भी टाइम पर आते
एनजीओ की ओडिट के
ये बहुत बड़े ही ज्ञाता है
ऑफिस का माहौल हो कैसा
इनको अच्छा ये आता है
'शिशु' नहीं इन पर लिख सकता
'शिशु' अभी तो बच्चा है.
ज्यादा अगर जानना चाहो तो
फेसबुक ही सबसे अच्छा है
http://www.facebook.com/RaajKapil?ref=search#!/RaajKapil?v=info&ref=ts
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| Raj Kapil |
Thursday, July 29, 2010
क्या गजब का देश है यह क्या गजब का देश है!
क्या गजब का देश है यह क्या गजब का देश है!
बिन अदालत औ मुवक्किल के मुकदमा पेश है!!
बिन अदालत औ मुवक्किल के मुकदमा पेश है!!
आँख में दरिया है सबके
दिल में है सबके पहाड़
दिल में है सबके पहाड़
आदमी भूगोल है जी चाह नक्शा पेश है!
क्या गजब का देश है यह क्या गजब का देश है!
क्या गजब का देश है यह क्या गजब का देश है!
हैं सभी माहिर उगाने
में हथेली पर फसल
औ हथेली डोलती दर-दर, बनी दरवेश है में हथेली पर फसल
क्या गजब का देश है यह क्या गजब का देश है!
क्या गजब का देश है यह क्या गजब का देश है!
क्या गजब का देश है यह क्या गजब का देश है!
क्या गजब का देश है यह क्या गजब का देश है!
(उपरोक्त कविता स्वर्गीय श्री सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की लिखी हुए है, इसे मैंने कई बार पढ़ा है.)
पेड़ हो या आदमी
फर्क कुछ पड़ता नहीं
लाख काटे जाइये जंगल हमेशा शेष है, फर्क कुछ पड़ता नहीं
क्या गजब का देश है यह क्या गजब का देश है!
प्रश्न जितने बढ़ रहे हैं
घट रहे उतने ज़वाब
होश में भी एक पूरा देश ये बेहोश है!घट रहे उतने ज़वाब
क्या गजब का देश है यह क्या गजब का देश है!
खूटियों पर ही टंगा
रह जायेगा क्या आदमी?
सोचता, उसका नही यह खूटियों का दोष है. रह जायेगा क्या आदमी?
क्या गजब का देश है यह क्या गजब का देश है!
(उपरोक्त कविता स्वर्गीय श्री सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की लिखी हुए है, इसे मैंने कई बार पढ़ा है.)
Thursday, July 22, 2010
एक परमानेंट प्रेगनेंट औरत ने भगवान् से कर-जोड़ कर कहा
एक परमानेंट प्रेगनेंट औरत से जब नहीं गया रहा,
तो उसने भगवान् से कर-जोड़ कर कहा-
भगवान् मुझे अब और बच्चे नहीं चाहिए,
बच्चे भगवान् की देन हैं कहने वाले इस अत्याचारी-
झूठे इंसान से मुझे बचाइए.
यह सुन उसका शौहर बोला,
बोला क्या एक रहष्य खोला-
या ख़ुदा इसमें मेरा कोई नहीं है दोष
सरकारी योजना की जानकारी मुझे देर से मिली
इसीलिये मुझे खुद भी तो है बहुत रोष.
ख़ुदा की क़सम मैं आपसे सच-सच बताऊंगा
आप तो ख़ुदा हैं आपसे भला मैं क्या छुपाऊंगा
आप तो जानते हैं कि मेरी इस कमाई में
परिवार नियोजन प्रसाधन कैसा आ पायेगा,
जबकि नरेगा की कमाई तो प्रधान का भाई खुद उठाएगा...2
और हाँ! अभी कल की ही बात है
डाक्टर ने मुफ़्त सलाह के नाम पर
मुफ़्त सब्जी ले ली,
और बोले ये सुविधा ही तुझे
मुफ़्त में परिवार नियोजन की सुविधा दिलाएगा
और अगर नहीं माना तो फिर
पहले की तरह पछतायेगा....
यह सुन उस परमानेंट प्रेगनेंट औरत ने कहा-
भगवान् मेरे पति को बचाइए,
और आशीर्वाद स्वरुप मुझे चार बच्चे और चाहिए
सुना है सरकार-
अस्पताल में बच्चे पैदा करने वाली माओं को
पैसे देती है,
मुझे भी सरकार से मुफ़्त में पैसे दिलवाइये...
तो उसने भगवान् से कर-जोड़ कर कहा-
भगवान् मुझे अब और बच्चे नहीं चाहिए,
बच्चे भगवान् की देन हैं कहने वाले इस अत्याचारी-
झूठे इंसान से मुझे बचाइए.
यह सुन उसका शौहर बोला,
बोला क्या एक रहष्य खोला-
या ख़ुदा इसमें मेरा कोई नहीं है दोष
सरकारी योजना की जानकारी मुझे देर से मिली
इसीलिये मुझे खुद भी तो है बहुत रोष.
ख़ुदा की क़सम मैं आपसे सच-सच बताऊंगा
आप तो ख़ुदा हैं आपसे भला मैं क्या छुपाऊंगा
आप तो जानते हैं कि मेरी इस कमाई में
परिवार नियोजन प्रसाधन कैसा आ पायेगा,
जबकि नरेगा की कमाई तो प्रधान का भाई खुद उठाएगा...2
और हाँ! अभी कल की ही बात है
डाक्टर ने मुफ़्त सलाह के नाम पर
मुफ़्त सब्जी ले ली,
और बोले ये सुविधा ही तुझे
मुफ़्त में परिवार नियोजन की सुविधा दिलाएगा
और अगर नहीं माना तो फिर
पहले की तरह पछतायेगा....
यह सुन उस परमानेंट प्रेगनेंट औरत ने कहा-
भगवान् मेरे पति को बचाइए,
और आशीर्वाद स्वरुप मुझे चार बच्चे और चाहिए
सुना है सरकार-
अस्पताल में बच्चे पैदा करने वाली माओं को
पैसे देती है,
मुझे भी सरकार से मुफ़्त में पैसे दिलवाइये...
Wednesday, July 21, 2010
गांधी जी के देश में, नेता जी के वेश में , हो रहा हल्ला-गुल्ला, मिला नहीं हमको रसगुल्ला...
गांधी जी के देश में,
नेता जी के वेश में ,
हो रहा हल्ला-गुल्ला
मिला नहीं हमको रसगुल्ला...
भ्रष्टाचार जवान हैं,
मंहगाई का मान है,
इससे तौबा वल्ला-वल्ला..
मिला नहीं हमको रसगुल्ला...
नेता जी के वेश में ,
हो रहा हल्ला-गुल्ला
मिला नहीं हमको रसगुल्ला...
भ्रष्टाचार जवान हैं,
मंहगाई का मान है,
इससे तौबा वल्ला-वल्ला..
मिला नहीं हमको रसगुल्ला...
जाति धर्म के नाम से
मिलते वोट हैं दाम से
कहते शान से शम्सुल्ला
मिला नहीं हमको रसगुल्ला...
होती दुर्घटना है रोज
क्यूँ होती ये होती खोज
मिला नहीं हमको रसगुल्ला...
रिश्वत लेते हैं कुछ जज
जाते काशी, काबा हज
करके खाली 'शिशु' का गल्ला
मिला नहीं हमको रसगुल्ला...
रिश्वत लेते हैं कुछ जज
जाते काशी, काबा हज
करके खाली 'शिशु' का गल्ला
मिला नहीं हमको रसगुल्ला...
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