Monday, November 17, 2008

सिगरेट पीना जुर्म है यह सबको मालूम

सिगरेट पीना जुर्म है यह सबको मालूम
जुरमाना भी बढ़ गया है भी है मालूम
किंतु न सिगरेट छूटती कैसे होय उपाय
किसी तरह सिगरेट पियें जुरमाना बच जाय
जुरमाना बच जाय और सिगरेट पी जाए
साम दाम और दंड भेद के तीनो हुए उपाय
ध्रूमपान न कम हुआ भया समाज निरुपाय
भया समाज निरुपाय बात है बड़ी निराली
पहले तो सफ़ेद मिलाती थी अब मिलाती है काली
अब तो मिलाती काली 'शिशु' इसमे न शक है
साम दाम और दंड भेद के प्रयास हुए भरसक हैं.

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