Wednesday, November 5, 2008

भगवान के लिए आप इन्हें ब्यूटीफुल न कहें....


इसमें किंचित संदेह नहीं कि पहले की तुलना में अब महिलाओं की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। पहले के समय में महिलाएं घर की चहारदीवारी से बाहर कदम नहीं रख सकती थीं। उन पर पहरा था। भारतीय कानून की धाराओं की तरह उन पर कई तरह की प्रथाएं लागू थीं। पर्दा प्रथा, सती प्रथा, दहेज प्रथा आदि इसी प्रकार की कई अन्य प्रथाएं इन महिलाओं के लिए ही बनी थीं। इतना ही नहीं उनके पहनावे भी अजीब थे। वे बिना पर्दे के पराये पुरूष के सामने नहीं लायी जाती थीं। पुरानी कहावत ‘औरतों का गहना लज्जा है’ उसी समय की है।

जैसा कि कहते हैं कि बदलाव प्रकृति का नियम है तो अब इस बदलते हुए हालातों में महिलाओं के हालात भी बदले हैं। आज महिला सशक्तिकरण का दौर है। महिलाएं अब पहले की तुलना में काफी आगे आयी हैं। शिक्षा से लेकर नौकरी-पेशे तक उनकी पहुंच है। समाज के किसी भी समारोह में उनकी अगुवाई है। अब स्त्रियांे के आर्थिक रूप से पुरूषों पर निर्भर होने की स्थिति में पिछले कुछ दशकों में भी तेजी से कमी आई है। अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक पहले रोजगार के हर क्षेत्र में पुरूषों का वर्चस्व था, पर अब ऐसा नहीं है।

जाहिर सी बात है इतने सारे बदलावों के चलते उनके पहनावे में भी पहले की तुलना में काफी बदलाव आया है। वही महिलाएं अब सुन्दर दिखने के लिए मंहगे से मंहगे संसाधन प्रयोग में ला रही हैं। ऐसे में अब सुन्दरता की परिभाषा भी बदली है। अंग्रेजी भाषा में सुन्दर को ब्यूटीफुल या स्मार्ट कहा जाता है। पहले के समय हम सुन्दर के लिए इसी ब्यूटीफुल शब्द का प्रयोग करते थे। लेकिन अब इसी ब्यूटीफुल को सेक्सी कहा जाता है।

सुन्दरता के बदलते हुए इस स्वरूप को आज की उभरती हुई नारी को अपनाने में कतई संकोच नहीं है। यह बात नहीं है कि पुरूष इससे पीछे हैं उन्हें भी सेक्सी कहलाये जाने में कोई ऐतराज नहीं लेकिन महिलाएं इस शब्द को कुछ ज्यादा ही तवज्जो दे रही हैं। अब किसी सुन्दर महिला को ब्यूटीफुल कह देने भर से काम नहीं चलेगा। ब्यूटीफुल तो हर कोई है। कौन कहता है हम सुन्दर नहीं? लेकिन सेक्सी कोई ही कोई होता है।

अब इन सेक्सी दिखने वालों के लिए ब्यूटीफुल शब्द यदि भूले से ही इस्तेमाल हो जाए तो समझो तुम्हारी खैर नहीं। इसलिए भगवान के लिए आप इन्हें ब्यूटीफुल न कहकर सेक्सी ही कहें तो ही अच्छा रहेगा। इसी में हमारी और तुम्हारी भलाई है। बस यही मेरी आपसे विनती है।

4 comments:

Rajesh Mishra said...

बहुत सेक्सी लिखे हो भाई |

Suresh Chiplunkar said...

सेक्सी की परिभाषा भी व्यक्ति, प्रांत और देशकाल के हिसाब से बदलती है, जैसे कि अफ़्रीका में मोटे होंठों वाली स्त्री को सेक्सी माना जाता है, तो अब इसमें कोई क्या कर सकता है… 200 ग्राम मेक-अप पोत कर ब्यूटीफ़ुल कहलवाना भी आज का शगल बन गया है…

सागर नाहर said...

पहले तो यह नया शब्द सीख लें, फिर किसी को कहेंगे आप बहुत... हो, उससे भी पहले तो पात्र खोजना पड़ेगा यह सब कहने के लिये।
:)

॥दस्तक॥
गीतों की महफिल
तकनीकी दस्तक

Udan Tashtari said...

सागर भाई सीख लें तो हम उनकी क्लास में जाकर सीख लेंगे.