Monday, June 1, 2009

जरूर-जरूर मिलेंगे जरूरी नहीं.........

जरूर-जरूर मिलेंगे जरूरी नहीं,
मिलेंगे इसलिए नहीं कोई मजबूरी नहीं है!
इशारों- इशारों में अब बात कम ही होती है,
क्यूंकि दोनों के बीच अब वो दूरी नहीं है!
दूरियां बांटी है मोबाइल और लिविंग रिलेशन ने
आगे और सुनो मियां बात अभी पूरी नहीं है!
फिल्मे भी कम ज्ञान नहीं देती दीवानों को,
प्यार कैसे करें सिखाते हैं ज़माने को,
अब लैला और मजनू कोई नहीं बनता,
मौका मिला एक दूसरे को फ़ौरन बदलता,
अब प्यार के लिए फैशन भी जरूरी है,
ब्रांड इसलिए पहना क्यूंकि मजबूरी है!
हाँ हमारे ज़माने की और बात थी
'शिशु' वो बात यंहा बताना जरूरी नहीं है!

2 comments:

Vinay said...

वाह जी बहुत ख़ूब!

Vinay said...

शुभेक्षु शायद यही लिखना चाह रहे हैं, इस प्रकाशित न करें और उपरोक्त सही कर लें!

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