व्यर्थ क्या, अव्यर्थ क्या है?
क्यों जिए,
क्यों मरे,
नैन थे,
भरे-भरे...
बात जब
पता चली,
रुठकर
ख़ता चली-
पूछने सवाल सबसे/
ज़िंदगी का अर्थ क्या है?
व्यर्थ क्या, अव्यर्थ क्या है...
यह बात सन 1994 की है। उस समय मैं लखनऊ के एक आवासीय विद्यालय में 9वीं कक्षा में पढ़ता था। एक दिन हॉस्टल में बच्चों को खराब खाना परोसे जाने को...
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