लिविंग रिलेशन में रहें आज लोग खुशहाल
शादी करने वाले जो हैं घूमें हाल बेहाल
आंखों में पानी नही काज़ल लिया लगाय
पार्क घूमते खुल्लमखुल्ला शर्म हया न आए
लड़की सिगरेट फूंकती नारीवाद के नाम
घर का काम पुरूष अब करते वो करती आराम
अपने देश लोग बेगाने जिनकी इंग्लिश कच्ची
बाबू जी को हड़काती है इंग्लिश बोले बच्ची
कोर्ट कचहरी के चक्कर में आम लोग बेहाल
उन्हें जमानत जल्दी मिलती जो हैं मालामाल
आते ही ऋतू चुनाव की नेता बोला बानी
मैंने ही विकास करवाया पंजा मेरी निशानी
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5 comments:
सुन्दर कवितानुमा व्यंग्य ...
भाई वाह सच, बेबाकी ...खासकर ये पंक्तियाँ ...
अपने देश लोग बेगाने जिनकी इंग्लिश कच्ची
बाबू जी को हड़काती है इंग्लिश बोले बच्ची
दोहे गढ़-गढ़ धर दिए, कवि शिशुपाल महान।
देख लिया इस उम्र में, दुविधा भरा जहान॥
दुविधा भरा जहान जहाँ, सब उल्टा-पुल्टा।
घर की रानी बनी वही जो कल थी कुल्टा॥
कुण्डलिया बन गयी ‘मलय’ भी ऐसा मोहे।
पढ़कर भाव विभोर हुए जब कवि के दोहे॥
कोर्ट कचहरी के चक्कर में आम लोग बेहाल
उन्हें जमानत जल्दी मिलती जो हैं मालामाल
बिल्कुल ठीक। कहते हैं कि-
पैसा अगर हो पास तो कोई दिक्कत नहीं बड़ी।
कातिल भी बाद कत्ल के हो जाते हैं बरी।।
अगर बुरा न मानें तो कहना ये है कि आपके दोहों में कुछ मात्रा दोष सुधार की आवश्यकता है।।
सादर
श्यामल सुमन
09955373288
मुश्किलों से भागने की अपनी फितरत है नहीं।
कोशिशें गर दिल से हो तो जल उठेगी खुद शमां।।
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