Wednesday, April 1, 2009

हैपी अप्रैल फूल..............

मित्र ने बधाई दी, कहा हैपी अप्रैल फूल,
सेम टू यू कहकर मैं भी हो गया कूल।
मैंने कहा क्या सेम टू यू बोलना ज़रूरी है?
उसने कहा बेवकूफ ज़रूरी नहीं, यह तो मजबूरी है,
क्योंकि जो भी पश्चिमी त्यौहार है,
उससे हम हिन्दुस्तानियों को प्यार है।
अरे मिया तुम क्या समझोगे,
तुमसे तो बोलना ही बेकार है।
इसलिए कि तुम अभी भी 20वीं सदी में जी रहे हो
बाजार में कब की इंग्लिश ही आ गयी तुम अभी देशी ही पी रहे हो
आदमी कहां से कहां पहुंच गया
नासमझ भी अंग्रेजी समझ गया
तुम अभी तक झूलेलाल ही रहे, तुम्हें कुछ नहीं पता
इसलिए कह रहा हूं अंग्रेजी सीख और हिंदी को बता धता
तभी पढ़े-लिखे कहलाओगे
नहीं तो गंवार हो और गंवार ही कहलाओगे।

3 comments:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

इसी बात पर
अन्तर्राष्ट्रीय मूर्ख दिवस
की बधाई स्वीकार करें।
प्रजापति डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक

Udan Tashtari said...

बधाई तो हमारी भी ले ही लो!!

संगीता पुरी said...

मेरी भी बधाई ... गंवार नहीं कहलाना।