Sunday, May 31, 2009

झूठा सभी जानते उसको फिर भी भाव सभी देते.........

दिन भर झूठ बोलता रहता
काम नहीं करता कोई
सत्य को झूठ बोलता चलता
झूठ भी झूठ कहे वो ही

झूठ बोलकर मिली नौकरी
झूठे उसके काम
झूठ खुशामद करता रहता
झूठे ही करता बदनाम

झूठ मूठ की करे लडाई
झूठा रोके झूठ दिखाता
रोज देर से ऑफिस आता
झूठ बोलकर के बच जाता

झूठे रूठ सभी से जाता
झूठ बोलदो मान भी जाता
काम करे जो गलत ही करता
झूठ बोल सब कुछ पा जाता

झूठा सभी जानते उसको
फिर भी भाव सभी देते
झूठ बोलकर उस झूठे से
अपना काम करा लेते

2 comments:

विनय said...

बहुत ख़ूब, भाई छा गये!

चाँद, बादल और शाम

ACHARYA RAMESH SACHDEVA said...

THEEK KAHA JANAB.

PRANTU SACH KE AAGE NAHI TIK PATA
JHUTHA HAMESHA PAKDA JATA.
JO JHUTHH SE APNA JIWAN CHALATA,
EK DIN WO PAKDA JATA.
DEKHA DR. JADEJA KA HAAL
DHAGE GAYE JHUTHE SAB YAAR
JHUTH SE NAHI CHALTA VYAPAR,
MAAN BHI JAO MERE YAAR.

RAMESH SACHDEVA
DIRECTOR
HPS SR. SEC. SCHOOL
SHERGARH (MANDI DABWALI)
KEEP IN TOUCH AT hpsdabwali07@gmail.com