कल तीस का हो जाऊंगा
इन तीस सालों में
अब मै हिसाब लगता हूँ
तो पाता हूँ
कि एक पैर से
अपाहिज होने के अलावा
कुछ भी तो ऐसा नहीं घटा
जिस पर हानि समझ कर रोऊँ,
हां यह कहना कि
मैंने पाया भी कुछ कम नहीं,
तो क्या इस पर
बखान करके खुश होऊं
सोचता हूँ क्या शादी, नौकरी, रुतबा
केवल दिखावे के लिए है
या
यही जीने का मकसद है मेरा,
बहुत दिमाग लगाया
पर आज तक नहीं समझ पाया
हाँ समाज से गरीबी कैसे दूर होगी?
क्या अंतर है शहरी गरीबी
और
गाँव की गरीबी में
यह डेवलपमेंट सेक्टर में
रहकर जरूर सीख पाया
लेकिन
क्या फर्क पड़ता है
यह सब जान लेने से,
गाँव से ज्यादा शहर में गरीब हैं
यह मान लेने से,
की शहरों में गरीबी का ग्राफ बढ़ा है
मेरी नज़र में तो जी बस गरीब तो गरीब हैं,
फिर क्या फर्क पड़ता है
कि
वे शहर में रहें या गाँव में
हमें क्या हक कि हम उन्हें
धर्मं-जाति और मज़हब
की तरह बाँट दें
सच तो यह है
कि
वो एक हिस्सा हैं
हमारे समाज का
हम तो केवल
रोजी-रोटी के लिए
उन गरीबों के लिए काम करते हैं
वर्ना
किसे फिक्र है
और
किसे पड़ी है कि
वो गरीबी दूर करे
बीते कई सालों से
इसी सेक्टर में काम करते-करते
और
यह देखते-देखते कि
कौन गरीबों का मशीहा है
थक गया हूँ
और यह सोचकर कि
क्या होगा आगे के सालों में
सोचकर पक गया हूँ
अब किसकी फिक्र करू
किसकी नही
ये कौन बताएगा
मुझे पक्का यकीन है की
जो भी बताएगा
अपने बारे में ही बताएगा
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
Popular Posts
-
तुम कहते हो, तुम्हारा कोई दुश्मन नहीं है, अफसोस? मेरे दोस्त, इस शेखी में दम नहीं है जो शामिल होता है फर्ज की लड़ाई मे, जिस बहादुर लड़ते ही हैं...
-
नौकरी के नौ काम दसवां काम हाँ हजूरी फिर भी मिलती नही मजूरी पूरी मिलती नही मजूरी जीना भी तो बहुत जरूरी इसीलिये कहते हैं भइया कम करो बस यही जर...
-
हमने स्कूल के दिनों में एक दोहा पढ़ा था। जो इस प्रकार था- धन यदि गया, गया नहीं कुछ भी, स्वास्थ्य गये कुछ जाता है सदाचार यदि गया मनुज का सब कु...
-
बाबा ने फिरसे दिखलाई अपनी कुछ करतूत, भोली-भली जनता फंस रही, गए सयाने छूट. बाबा धर्माचारी है ये, अग्नि परीक्षा पास हुए, नए-पुराने भक्त आज...
-
रविवार की एक घटना बात उन दिनों की है जब मैं 8वीं जमात में पढ़ता था। यह सन 1992 और 6 दिसम्बर की एक छोटी सी घटना है। मेरा विद्यालय लखनऊ शहर के...
-
I can confidently say that religion has never been an issue in our village. Over the past 10 years, however, there have been a few changes...
-
कौन है देशी कौन विदेशी अब ये चर्चा करता कौन, माल विदेशी सभी खरीदें उस खर्चे पर सब मौन। क्रिकेट विदेशी खेल कभी था अभी देश का है सिरमौर, इंग्ल...
-
भारत में बाल संरक्षण केवल नीतियों का विषय नहीं है , बल्कि यह एक गहन सामाजिक , सांस्कृतिक और स्थानीय संदर्भों से जुड़ी चुनौती है। यद्यपि ...
-
इंतज़ार है पक्का शत्रु, उस पर कर न यकीन जीना शान से चाह रहे तो ख़ुद को समझ न दीन ख़ुद को समझ न दीन काम कल पर ना छोड़ो लगन से करके काम दाम फल स...
-
भाँग, धतूरा, गाँजा है, माचिस, बीड़ी-बंडल भी। चिलम, जटाएँ, डमरू है, कर में लिए कमंडल भी।। गंगाजल की चाहत में क्यूँ होते हलकान 'शिश...
आंदोलन
यह बात सन 1994 की है। उस समय मैं लखनऊ के एक आवासीय विद्यालय में 9वीं कक्षा में पढ़ता था। एक दिन हॉस्टल में बच्चों को खराब खाना परोसे जाने को...
-
तुम कहते हो, तुम्हारा कोई दुश्मन नहीं है, अफसोस? मेरे दोस्त, इस शेखी में दम नहीं है जो शामिल होता है फर्ज की लड़ाई मे, जिस बहादुर लड़ते ही हैं...
-
नौकरी के नौ काम दसवां काम हाँ हजूरी फिर भी मिलती नही मजूरी पूरी मिलती नही मजूरी जीना भी तो बहुत जरूरी इसीलिये कहते हैं भइया कम करो बस यही जर...
-
हमने स्कूल के दिनों में एक दोहा पढ़ा था। जो इस प्रकार था- धन यदि गया, गया नहीं कुछ भी, स्वास्थ्य गये कुछ जाता है सदाचार यदि गया मनुज का सब कु...
8 comments:
happy birthday in advance...
जन्म दिन की बहुत बधाई एवं शुभकामनाऐं.
जो भी बताएगा
अपने बारे में ही बताएगा
बहुत खूब.
जन्मदिन की बधाई.
सुन्दर /खुब सुरत /गजब
भावात्मक बाते । मन को लगी।
आपको जन्म दिन मुबारक।
इश्वर आपको खुब प्रसन्न रखे।
आभार/ शुभकामनाओ सहित
हे प्रभु यह तेरापन्थ
मुम्बई टाईगत
जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएं। ईश्वर आपको यश, कीर्ति और उत्तम स्वास्थ्य दे।
जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं !
जन्म दिन की अग्रिम बधाई। किसी दूसरे के प्रयास से गरीबी दूर न होगी। इस के लिए गरीबों को ही एक होना पड़ेगा।
respected sudhir ji ne badhai kuch is prakar se dee hai
आशाओं के ओस कणों से जीवन जगे
स्वर्णमयी हो हर घड़ी,
कचनारों की कलियां बूटे रंगें
नव प्रभात की आशा प्रतिदिन
आपको जीवन में स्वर्णिम प्रभाकर फैलाए !!
शुभकामनाएँ
sudhir
email - sudhir@uhrc.in
Post a Comment