Tuesday, July 28, 2009

बरस गया पानी!

बरस गया पानी!
हँसे मुस्कराए
गीत खूब गाए
भीग के घर आए
बाद में याद आयी नानी
बरस गया पानी

जब बोला मीठी बानी!
वो हो गए हैरान
बोले मान ना मान
मै तेरा मेहमान
सुनकर हुयी हैरानी
बरस गया पानी

किये काम खूब!
प्रात रात जारी
रात हुयी अंधियारी
लेकिन मति गयी थी मारी
बस एक बात न मानी
बरस गया पानी

मैडम जी मुसकायीं!
वो और कुछ समझ गया
खुद मुस्करा गया
इशारा और कर गया
पड़ गयी मार खानी
बरस गया पानी

श्रीमती का गुस्सा!
तौबा-तौबा बड़ा सख्त
आता वक्त-बे-वक्त
'शिशु' का सूख जाता रक्त
पता चला बाद में है ये प्यार की निशानी
बरस गया पानी

2 comments:

‘नज़र’ said...

आज भाभी से कुछ ज़्यादा ही प्यार दिखा रहे हैं, कुछ मेरी तरफ़ से भी उन्हें भेंट कर दो!

;)

हिमांशु । Himanshu said...

खूबसूरत । बहुत खूब.......। धन्यवाद ।

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