Monday, September 7, 2009

शराब!

शराब!
बाप पिए तो ठीक, बेटा पिए ख़राब!

जुआरी!
कभी न जीते, कभी न माने हारी!

समाज सेवा!
काम से साथ पैसे की मेवा!

बॉस का दूत!
मुखबिरी की पूरी छूट!

4 comments:

Pankaj Mishra said...

waah bhai gajab kaa sharab naamaa hai

कविता said...

Pyari hain chhadikaayen.
Think Scientific Act Scientific

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...

शराब का सटीक चित्रण।
-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }

Nirmla Kapila said...

वाह क्या बात है बाप पीये तो शराब बेटा पीये तो खराब बहुत खूब

कहानी पूरी फिल्मी है।

क़रीब कोई बीस साल पहले की बात है। एक देश में एक परिवार पापड़ बनाकर बेचता था। उनके दिन बहुत गरीबी में बीत रहे थे। फ़िर उन्हें उनके पड़ोसी ने बत...