Wednesday, May 24, 2017

गाँव का होकर गाँव की नहीं!

गाँव का होकर गाँव की नहीं!
किसी बिरवे की छाँव की नहीं!
धूल और नंगे पाँव की नहीं!
नदी में तैरती नाव की नहीं!
तो बात किसी करूँगा 'शिशु'!

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