भारतीय रेल की पूरी आमदनी का 70 प्रतिशत माल ढुलाई से आता है। सवारी गाड़ियाँ आमतौर पर घाटे पर चलती है। माल ढुलाई के आय से सवारी गाड़ियों की घाटे की भारपाई होती है। हाल में ही ‘कन्टेनर राजधानी’ शुरू किया गया। यह खाने पीने की जरूरी चिजों की ढुलाई करता है। यह गाड़ी 1 घंटे में 100 किलोमीटर चलती है।
दार्जलिंग हिमालयन रेलवे दुनिया भर के लिए दर्शनिये है। यह ट्रेन अभी भाप के इंजन से चलती है। इसे वल्र्ड हेरिटेजसाइट का दर्जा दिया है। यह सिलीगोड़ी से दार्जलिंग के बीच पहाड़ी रास्तो पर 2134 किलोमीटर चलती है। यह सबसे ऊपर का स्टेशन घुम है।
नीलगिरि माऊन्टेन रेलवे दक्षिण भारत के नीलगिरि हिल्स में चलती है। इसे भी वल्र्ड हेरिटेजारइट के अन्दर रखा है।
तीसरा हेरिटेजसाइट है मुंबई का छत्रपति शिवाजी टर्मिनश। पहले इसे विक्टोरिया टर्मिनश के नाम से जाना जाता था। पर ये भारतीय रेल के अन्दर ही आता है।
पैलेस और विल्स भाप इंजन से चलने वाली विशेष ट्रेन है। यह राज्यस्थान में टुरिज्म को बढ़ावा देने के लिए बनायी गई है।
महाराष्ट्र सरकार ने भी कॉन्कन रूट पर डेकन व्क्ब् चलायी। पर इसे पैलेस ऑन हिल्स जैसी सफलता नहीं मिली। समझौता एक्सप्रेस भारत से पाकिस्तान जाती है। कुछ कारणों से 2001 में बंद कर दिया गया था। 2004 से फिर चलने लगा है।
पाकिस्तान के खोखड़ा पार और भारत के मून्नाबाव तक थार एक्सप्रेस चलती है। 1965 में भारत और पाकिस्तान युद्ध के बाद इसे बंद कर दिया गया था। 18 फरवरी 2006 को इसे फिर से शुरू किया गया।
कालका शिमला रेलवे का नाम गिनिज ऑफ वल्र्ड रिकार्ड । वह ढलान पर चढ़ती हुई 96 किलोमीटर की ऊँचाई पर जाती है।
लाइफ लाइन एक्सप्रेस को आम तौर पर हॉसपीटल ऑन विल्स के नाम से जाना जाता है। यह ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ सेवायें प्रदान करती है। इसमें एक ऑपरेशन रूम होता है, एक स्टोर रूम होता है। इसके अलवा रोगियों के लिए दो और वार्ड होते हैं। यह ट्रेन देश भर में विभिन्न स्थानों पर रूक-रूक घुमती है।
रेलवे स्टेशनों में सबसे छोटा नाम इब है। और सबसे लम्बा नाम है- श्री वेंकटानरसिंहाराजूवारिया पेटा।
हिम सागर एक्सप्रेस सबसे लम्बा रूट तय करती है। यह कन्या कुमारी और जम्मूतवी के बीच चलती है। यह ट्रेन 3745 किलोमीटर (2327 मील) का सफर 74 घंटे और 55 मिनट में तय करती है।
बिना रूके सबसे लम्बा सफर तय करने वाली ट्रेन है त्रिवेंद्ररम राजधानी यह ट्रेन दिल्ली के निशामुद्दीन रेलवे और त्रिवेंद्ररम के बिच चलती है। यह ट्रेन बड़ौदा और कोटा के बीच बिना रूके चलती है।
भारतीय रेल की सबसे तेल गति से चलने वाली यात्री गाड़ी है भोपाल शताब्दी एक्सप्रेस। फरीदाबाद और आगरा के बीच यह गाड़ी 140 किलोमीटर प्रतिघंटा के हिसाब से चलती है। सन् 2000 में जब इसका टेस्ट हुआ था तब इसे 144 किलोमीटर प्रतिघंटे के हिसाब से चलाया गया था। फिर भी यह दुनिया के सबसे तेज चलने वाले गाड़ियों के मुकाबले सबसे कम है।
Monday, November 10, 2008
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2 comments:
शिशुपाल जी,
1. सिलीगुडी से दार्जलिंग तक की दूरी करीब 80 किमी. है ना की 2134 किमी.
2. कालका शिमला रेलवे को भी वर्लड हैरीटेज का दर्जा मि चुका है.
http://whc.unesco.org/en/tentativelists/1989/
शिशुपाल जी ने आपके गलतियों की ओर ध्यान खींचा है। ऐसे सूचना देने का आपका प्रयास सराहनीय है।
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