Thursday, January 15, 2009

इंगलिश पढ़े सो बाबू होय

इंगलिश पढ़े सो बाबू होय,
हिंदी को पूछे नहि कोई।
सभी जगह अंग्रेजी बोली,
जिसने भी जबान जब खोली।


यदि अंग्रेजी नहीं है आती,
बात तुम्हारी सुनी न जाती।
आफिस में अंग्रेजी बोलो,
वेतन जितना चाहे ले लो।


होटल में तुम जब भी जाओ,
अंग्रेजी में बात सुनाओ।
बैरा बात सुनेगा ज्यादा,
भाव भी देगा पक्का वादा।


हिंदी में जबान यदि खोली,
समझदार समझे ना बोली।
यदि मैडम को इंग्लिश आती,
नौकर को रहती हड़काती।


यूपी वालों कहना मानो,
अंग्रेजी की महिमा जानो।
मैं भी यू।पी का हूं वासी,
बात दुखद हिंदी का भाषी।


जितनी हिन्दी मेरी अच्छी,
अंग्रेजी उतनी है कच्ची।
दोस्त यार सब रोज बताते,
अंग्रेजी की महिमा गाते।


'शिशु' ने भी अबसे यह ठाना,
अंग्रेजी है एक निशाना।
मैडम एक बहुत हैं सच्ची,
इंग्लिश जिनकी सबसे अच्छी।
अंग्रेजी का ज्ञान वो देंगी,
बदले में कुछ भी ना लेंगी।

1 comment:

Amit said...

mast prajaapati jee...bahut acchi kavita ....