Thursday, April 15, 2010

तीन देवियाँ!!!

तीन देवियाँ!!!

बामुलाहिजा होशियार, 
शीला दीक्षित जी तैयार, 
झुग्गी-बस्ती गिराएंगी, 
फ्लाईओवर बनाएंगी, 
दिल्ली चमकायेंगी
सबको खेल दिखाएंगी...

तिलक-तराजू और तलवार, 
उनके मारो जूते चार,
माया जी का नारा
दलित हमें है प्यारा
मंत्री जी लाओ हज़ार-हज़ार के नोट
और जनता से दिलवाओ मुफ्त में वोट...

ममता बनर्जी!
कांग्रेस दे रहा अर्जी दर अर्जी, 
महिला बिल पास हो, उनकी नहीं मर्जी
यही तीन देवियाँ है आजकल की सर जी

No comments:

कहानी पूरी फिल्मी है।

क़रीब कोई बीस साल पहले की बात है। एक देश में एक परिवार पापड़ बनाकर बेचता था। उनके दिन बहुत गरीबी में बीत रहे थे। फ़िर उन्हें उनके पड़ोसी ने बत...