Tuesday, March 15, 2011

रैली नहीं रैला है...

रैली नहीं रैला है,
बैग जो हांथ में है 
बैग नहीं थैला है
घर वाली है घर में बैठी,
दिल्ली जो साथ आयी वो मेरी लैला है...
'शिशु' इन रैली से 
संसद रोड मैला है

No comments:

Popular Posts

तुम इंसान हो, या कोई आसमानी हो।

ये जो दिखा रहे सबको कारस्तानी हो, तुम इंसान हो, या कोई आसमानी हो। मौज के वास्ते बनाई है फेक आईडी तुमने, या, हक़ीक़त में किसी की जनानी हो। ...